60 लाख रुपये में करता था डील, री-NEET में सॉल्वर गैंग का खुलासा (opens original article in a new tab)
लखीसराय में सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने के बाद नीट परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। गैंग ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर्स को परीक्षा केंद्रों पर बैठाया।
- सॉल्वर गैंग ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह स्कॉलर्स को परीक्षा केंद्रों पर बैठाया।
- गैंग का सरगना 60 लाख रुपये की डील करता था जिसमें 25 लाख रुपये अश्विनी कुमार को मिलने थे।
- जांच में पाया गया कि झारखंड और तमिलनाडु सरकार ने 2025 में इनोवेटिव व्यू कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था।
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