मुश्किलों को चुटकियों में हरा देंगे आप! गांठ बांध ले 1 बात (opens original article in a new tab)
श्री अरविंद बुरे वक्त के बारे में बताते हैं कि वे बादलों की तरह होते हैं जो सूरज को ढक सकते हैं लेकिन उसे मिटा नहीं सकते। उन्होंने धैर्य रखने और उम्मीद न छोड़ने की सलाह दी।
- श्री अरविंद ने बुरे वक्त के बारे में बताया कि वे बादलों की तरह होते हैं जो सूरज को ढक सकते हैं लेकिन उसे मिटा नहीं सकते।
- उन्होंने कहा कि धैर्य रखना चाहिए और उम्मीद न छोड़नी चाहिए क्योंकि रोशनी हमेशा आसपास होती है।
- श्री अरविंद ने पूर्ण योग की स्थापना की और आध्यात्मिक साधना पर ध्यान केंद्रित किया।
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