खामोशी कब गुनाह है? इमाम हुसैन का ये सबक बदल देगा नजरिया (opens original article in a new tab)
इमाम हुसैन के अनुसार, अन्याय और ज़ुल्म के सामने झुकना एक बड़ा गुनाह है। अपनी इज्जत की रक्षा के लिए संघर्ष करना असली इंसानियत है। गलत के आगे घुटने टेक देना लोगों को अंदर से कमजोर बना देता है।
- इमाम हुसैन के अनुसार, अन्याय और ज़ुल्म के सामने झुकना एक बड़ा गुनाह है।
- अपनी इज्जत की रक्षा के लिए संघर्ष करना असली इंसानियत है।
- गलत के आगे घुटने टेक देना लोगों को अंदर से कमजोर बना देता है।
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